जन-आंदोलन बनायें “हरा भोपाल-शीतल भोपाल” को: मुख्य सचिव श्री मोहंती

मुख्य सचिव श्री सुधि रंजन मोहंती ने कहा है कि ‘हरा भोपाल-शीतल भोपाल’ अभियान में भोपाल में 11 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य है। इसके लिए पौधा-रोपण को जन-आन्‍दोलन बनाना होगा। शासकीय एजेंसियों के साथ सामाजिक संस्थानों के सहयोग और व्यक्तिगत पहल से ही यह संभव होगा। श्री मोहंती आज मंत्रालय में ‘हरा भोपाल-शीतल भोपाल’ अभियान के क्रियान्वयन के लिए गठित कार्य- समूह की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्य सचिव श्री मोहंती ने कहा कि सम्पूर्ण प्रदेश में पौधा-रोपण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। इसके लिये नागरिकों की भागीदारी और जुड़ाव विकसित करने के लिए पौधे कम कीमत पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मात्र 10 रूपये की दर पर पौधे उपलब्ध कराये जा रहे हैं। श्री मोहंती ने पौधा-रोपण में स्थानीय पर्यावरण और परिवेश की दृष्टि से उपयुक्त पौधे लगाने का सुझाव भी दिया। स्थानीय प्रजातियों जैसे आँवला, हर्रा, आम, जामुन, नीम, महुआ, पीपल, बरगद, सागौन, अर्जुन, मुनगा, नीबू, सीताफल, कदम्ब, मोरसी, अमरूद आदि का उल्लेख है। इन्हीं पौधों के रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री मोहंती ने कहा कि पौधा-रोपण के इच्छुक व्यक्तियों को पौधा माँग-पत्र सरलता से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये। इसके लिए घर-घर माँग-पत्र वितरित कराने के निर्देश दिये गये।

मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण

श्री मोहंती ने कहा कि पौधा-रोपण को जन-अभियान बनाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।  उन्होंने पौधा-रोपण की दिशा में हो रहे प्रयासों को सकारात्मक रूप से प्रचारित-प्रसारित करने में सहयोग की मीडिया से अपील की। श्री मोहंती ने कहा कि इसे सामाजिक जवाबदेही बनाया जाना आवश्यक है।  उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि भवन निर्माण में पेड़ नहीं काटने पड़े। जरूरी होने पर कटने वाले पेड़ों की संख्या से दस गुना अधिक पौधे लगाना अनिवार्य किया जाए।

श्री मोहंती ने शैक्षणिक संस्थाओं को पौधा-रोपण अभियान में शामिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को पौधा-रोपण में सहभागी बनाए रखने के लिये उनके द्वारा लगाये गये पौधे पर उनका नाम अंकित करें और देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हें ही दी जाये। मुख्य सचिव ने शासकीय कार्यक्रमों में अतिथियों, कलाकारों से भी पौधा-रोपण कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराते समय पौधा-रोपण की शर्त को अनिवार्य किया जा सकता है।

श्री मोहंती ने कहा कि प्रदेश में गैर वन पड़त भूमि पर बाँस लगाने को प्रोत्साहित किया जायेगा। कटंग बाँस के रोपण के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अभियान चलाया जायेगा। इसमें एक निश्चित अवधि के बाद बाँस काटने का अधिकार स्व-सहायता समूहों को होगा। इससे पर्यावरण सुधार के साथ पड़त भूमि पर आर्थिक गतिविधि आरंभ हो सकेगी। श्री मोहंती ने स्व. प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने वृक्षों को कटने से बचाने के लिये वन सुरक्षा संबंधी अनेक कदम उठाए।

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