जीएसटी की जटिलता से परेशान साढ़े सात हजार से अधिक व्यापारियों ने निरस्त कराए अपने पंजीयन

,भोपाल। गुड्स सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के प्रावधानों का सरलीकरण किए जाने के बावजूद अब भी कई व्यापारी इसे जटिल मान रहे हैं। इसके चलते बीते कुछ दिनों में ही प्रदेश के करीब सात हजार से अधिक व्यापारी अपना पंजीयन या तो निरस्त करवा चुके हैं या समय पर रिटर्न जमा नहीं किए जाने से विभाग ने उनके पंजीयन खत्म कर दिए।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों के रुख में यह बदलाव जीएसटी पंजीयन के लिए कारोबार टर्नओवर की लिमिट 20 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए किए जाने के बाद आया है। बताया जाता है,कि जीएसटी के प्रावधानों में किए गए उक्त संशोधन के बाद केंद्रीय एक्साइज एवं कस्टम विभाग के मप्र-छग कार्यालय में ही करीब साढ़े 12 हजार पंजीयन निरस्त किए जा चुके हैं। इनमें साढ़े सात हजार से अधिक पंजीयन केवल मध्यप्रदेश से हैं। संभागवार बात की जाए तो पंजीयन निरस्त कराने वालों में जबलपुर (2750) व भोपाल (2150) के व्यापारी सबसे आगे हैं। तीसरा स्थान उज्जैन संभाग (2150) का है,जबकि व्यापारिक क्षेत्र कहे जाने वाले इंदौर संभाग में कुल 1190 व्यापारियों ने  ही अपने पंजीयन निरस्त करवाए।  इसके पीछे हर महीने टैक्स और रिटर्नं भरने की झंझट, 40 लाख से कम कारोबार और मप्र व छत्तीसगढ़ के जाने बंटवारे के बाद हुए माइग्रेशन आदि प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

 वहीं विभागीय सूत्रों का दावा है,कि कई पंजीयन तो विभाग ने ही निरस्त किए। बताया जाता है,कि पूर्व में पंजीयन करा चुके  कई  कारोबारी छह-छह महीने से जीएसटी का रिटर्न जमा नहीं कर रहे थे। वहीं अनेक कारोबारी अगले महीने की 20 तारीख तक टैक्स जमा करने की प्रक्रिया का पालन भी नहीं कर पा रहे थे।

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